बजट 2026ः 5 यूनिवर्सिटी , टाऊनशिप से बदलेगा शिक्षा का चेहरा?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026 में शिक्षा क्षेत्र को इस बजट में मजबूत बढ़ावा दिया गया है। शिक्षा मंत्रालय के लिए कुल 1,39,285.95 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 8.27 प्रतिशत अधिक है। इसमें स्कूल शिक्षा के लिए 83,561.41 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा के लिए 55,724.54 करोड़ रुपये का प्रावधान है।

शिक्षा को रोज़गार से जोड़ने पर ज़ोर

बजट में शिक्षा को रोजगार और सेवा क्षेत्र से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि शिक्षा अब अलग क्षेत्र नहीं, बल्कि सेवा, स्वास्थ्य, पर्यटन और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों के लिए फीडर सिस्टम के रूप में काम करेगी। भारत को 2047 तक वैश्विक सेवा क्षेत्र में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।

Budget 2026: देश में बनाई जाएंगी 5 नई यूनिवर्सिटी टाउनशिप, बजट में वित्त  मंत्री ने की घोषणा - India TV Hindi

शिक्षा बजटः 8 प्रमुख घोषणाएं

शिक्षा-रोजगार स्थायी समिति का गठन: शिक्षा से रोजगार और उद्यमिता को जोड़ने के लिए एक उच्च स्तरीय स्थायी समिति बनाई जाएगी। यह समिति सेवा क्षेत्र को विकसित भारत का मुख्य लीडर बनाने के उपाय सुझाएगी, एआई जैसी उभरती तकनीकों के रोजगार पर प्रभाव का आकलन करेगी और आवश्यक सुधार सुझाएगी।

नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (NID)

डिजाइन उद्योग की तेजी से बढ़ती मांग और प्रशिक्षित डिजाइनरों की कमी को देखते हुए पूर्वी क्षेत्र में एक नया NID स्थापित किया जाएगा। यह चैलेंज रूट से होगा, जो क्षेत्रीय विकास और उद्योग की जरूरतों से जुड़ेगा।

पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स

प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के पास राज्यों को सहायता देकर (चैलेंज रूट से) पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप्स विकसित की जाएंगी। इनमें विश्वविद्यालय, कॉलेज, रिसर्च संस्थान, स्किल सेंटर और आवासीय परिसर होंगे, ताकि शिक्षा और रोजगार के बीच दूरी कम हो और सहयोग बढ़े।

बजट 2026 में एजुकेशन के लिए 139289 करोड़ का मेगाप्लान, युवाओं के लिए क्या  रहा खास

हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल

विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) में पढ़ने वाली छात्राओं की समस्याओं (लंबे अध्ययन घंटे और लैब वर्क) को दूर करने के लिए हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा। केंद्र द्वारा कैपिटल सपोर्ट और वायबिलिटी गैप फंडिंग दी जाएगी, जिससे छात्राओं की रिटेंशन और पहुंच बढ़ेगी।

खगोल विज्ञान को बढ़ावा

एस्ट्रोफिजिक्स और खगोल विज्ञान को बढ़ावा देने के लिए चार टेलीस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं को एडवांस किया जाएगा या स्थापना होगी, जिसमें नेशनल लार्ज सोलर टेलीस्कोप, नेशनल लार्ज ऑप्टिकल इन्फ्रारेड टेलीस्कोप, हिमालयन चंद्रा टेलीस्कोप और COSMOS 2 प्लैनेटेरियम शामिल हैं।

पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब

मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए निजी क्षेत्र के साथ मिलकर पांच क्षेत्रीय मेडिकल हब स्थापित किए जाएंगे। ये हब मेडिकल, शिक्षा और रिसर्च को एकीकृत करेंगे, जिसमें AYUSH सेंटर, डायग्नोस्टिक्स, पोस्ट-केयर और रिहैबिलिटेशन की सुविधाएं होंगी। इससे डॉक्टरों और हेल्थ प्रोफेशनल्स के लिए रोजगार बढ़ेगा और ट्रेनिंग क्षमता विस्तारित होगी।

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन स्किलिंग

नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी को अपग्रेड कर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनाया जाएगा। साथ ही, 20 आइकॉनिक पर्यटन स्थलों पर 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को 12-सप्ताह के हाइब्रिड ट्रेनिंग प्रोग्राम से अपस्किल किया जाएगा।Budget 2026 Live Streaming: कल पेश होगा केंद्रीय बजट 2026, कब और कहां देख  सकेंगे लाइव, जानें पूरी डिटेल - budget 2026 live streaming where and how to  watch fm nirmala sitharaman

विदेश में शिक्षा के लिए TCS दर में कमी

लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा और मेडिकल उद्देश्यों के लिए टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) दर 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत कर दी गई है। इससे विदेश में पढ़ाई के लिए परिवारों पर वित्तीय बोझ कम होगा।
ये घोषणाएं शिक्षा को रोजगार-उन्मुख बनाने, लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने, स्किल डेवलपमेंट और उभरते क्षेत्रों (जैसे AI, डिजाइन, हॉस्पिटैलिटी, मेडिकल टूरिज्म) पर फोकस करती हैं। लेकिन भारत में योजनाओं के शुरू होने का जो हाल है, उससे ये सिर्फ घोषणाएं बनकर रह जाती हैं। जब तक इन योजनाओं को लागू नहीं कर दिया जाता, तब तक इन पर यकीन करना मुश्किल है।

Leave a Comment

Read More