मैन्यूफैक्चरिंग और दवाओं का ग्लोबल हब
सरकार हाई-टेक सेक्टर पर बड़ा दांव लगा रही है। Biopharma SHAKTI योजना के लिए ₹10,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं ताकि भारत दवाओं का ग्लोबल हब बन सके। ISM 2.0 के जरिए सेमीकंडक्टर डिजाइन और उपकरणों पर ध्यान दिया जाएगा, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट स्कीम का बजट दोगुना कर ₹40,000 करोड़ कर दिया गया है। ओडिशा और केरल जैसे राज्यों में दुर्लभ खनिजों (rare earth minerals) के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर ज़ोर
सरकार ने बुनियादी ढांचे के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का बजट रखा है। अब ध्यान Tier-II और Tier-III शहरों पर है, जिन्हें “सिटी इकोनॉमिक रीजन्स” के रूप में विकसित किया जाएगा। मुंबई-पुणे जैसे रूट पर 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स खर्च घटाने के लिए 20 नए नेशनल वॉटरवेज शुरू करने की योजना है।

छोटे और मध्यम उद्योगों का खास ध्यान
MSMEs के लिए ‘Champion MSME’ विजन और ₹10,000 करोड़ का ‘SME ग्रोथ फंड’ घोषित किया गया है। छोटे व्यापारियों को सरकारी नियमों में मदद करने के लिए ‘Corporate Mitras’ (पैरा-प्रोफेशनल) नियुक्त किए जाएंगे। साथ ही, नकदी संकट दूर करने के लिए TReDS प्लेटफॉर्म का विस्तार किया जाएगा।
कृषि में ज्यादा आमदनी वाली फसलों पर ज़ोर
किसानों को मौसम और कीटों की सटीक जानकारी देने के लिए ‘Bharat-VISTAAR’ नामक AI टूल लॉन्च किया जाएगा। काजू, कोको और अखरोट जैसी ‘हाई वैल्यू’ फसलों के उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है। तटीय राज्यों में नारियल की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना लाई गई है।
आयकर में कोई बदलाव नहीं, रिटर्न की समय सीमा बढ़ी
टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन नियमों को सरल बनाया गया है। कई टैक्स अपराधों को गैर-आपराधिक (decriminalise) कर दिया गया है और जेल की सजा को कम किया गया है। सौर ऊर्जा और दुर्लभ खनिजों पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है, जबकि डेटा सेंटर सेवाओं के लिए विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स छूट का प्रस्ताव है।
नॉर्थ ईस्ट राज्यों पर भी मेहरबानी
पूर्वोत्तर और ‘पूर्वोदय’ राज्यों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहाँ इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, टूरिज्म और बुद्ध सर्किट विकसित किए जाएंगे। अगर (Agar) के पेड़, बादाम और पाइन नट्स की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, पूर्वी क्षेत्र में एक नया National Institute of Design (NID) स्थापित किया जाएगा।
विदेश घूमना सस्ता होगा—/newsnation/media/media_files/2025/02/01/oMlKjF5bUzRwBxdHpNp1.jpg)
केंद्रीय बजट विदेश यात्रा की योजना बना रहे भारतीयों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। वित्त मंत्री ने विदेशी पर्यटन पैकेजों पर स्रोत पर कर (TCS) में भारी कटौती की घोषणा की है, जिससे विदेश यात्रा कर के लिहाज से अधिक किफायती और सरल हो जाएगी। नए प्रस्ताव के तहत, विदेशी पर्यटन पैकेजों पर TCS की दर मौजूदा 5% और 20% से घटाकर 2% कर दी जाएगी, जिसमें न्यूनतम राशि की कोई शर्त नहीं होगी। इसका मतलब है कि यात्रियों को अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पैकेज बुक करते समय अग्रिम रूप से बहुत कम कर का भुगतान करना होगा।
आयकर रिटर्न कब भरना है
सरकार ने कहा- आयकर अधिनियम, 2025, 1 अप्रैल से लागू होगा। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। नियम और टैक्स वापसी फॉर्म शीघ्र ही जारी किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि “आयकर रिटर्न में संशोधन के लिए उपलब्ध समय को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च तक करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए मामूली शुल्क देना होगा। टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को भी चरणबद्ध करने का प्रस्ताव है – आईटीआर 1 कैटेगरी और आईटीआर 2 कैटेगरी वाले व्यक्ति 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल कर सकेंगे और गैर-ऑडिट व्यावसायिक मामलों या ट्रस्टों को 31 अगस्त तक का समय दिया जाएगा।
बजट में क्या सस्ता-क्या महंगा—
- कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों के लिए इस्तेमाल होने वाली 17 लाइफ-सेविंग दवाएं सस्ती होंगी।
- मोबाइल फोन और टैबलेट के कंपोनेंट्स पर ड्यूटी में राहत मिलने से इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े प्रोडक्ट्स सस्ते हो सकते हैं।
- इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी के लिए लिथियम-आयन सेल्स पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी (BCD) पूरी तरह से माफ कर दी गई है।
- विदेशी शिक्षा, मेडिकल ट्रीटमेंट और टूर पैकेज पर TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) की दर कम की गई है, जिससे विदेश यात्रा सस्ती होगी।
- सीफूड प्रोसेसिंग के इनपुट्स पर ड्यूटी-फ्री आयात सीमा तीन गुना बढ़ा दी गई है।
- शू अपर (जूते के ऊपरी हिस्से) निर्यात उद्योग को भी इसी तरह की राहत दी गई है।
- माइक्रोवेव ओवन के कुछ निर्दिष्ट पार्ट्स पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी माफ कर दी गई है, जिससे माइक्रोवेव ओवन सस्ते होंगे।
महंगी होने वाली प्रमुख चीजें
- सिगरेट, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई गई है और नया सेस लगाया गया है, जिससे ये काफी महंगे हो जाएंगे।
- शराब महंगी हो जाएगी।
- फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी की गई है, जिससे स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग का खर्च बढ़ेगा।
- व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए आयात की जाने वाली कुछ वस्तुओं पर कस्टम्स टैरिफ समायोजित किया गया है, जिससे वे महंगी हो सकती हैं।
मछली पालन, पशुपालन और ज्यादा आमदनी वाली खेती पर ज़ोर
कोस्टल क्षेत्रों में मछली पालन को मजबूत करने के लिए, सरकार जलाशयों (झील) का विकास करेगी और स्टार्टअप, महिला नेतृत्व वाले समूहों और मछली किसान उत्पादक संगठनों को शामिल करते हुए उन्हें बाजार से जोड़ेगी। पशुपालन में, ऋण-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम के जरिए ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण रोजगार प्रदान करने, पशुधन उद्यमों का विस्तार और आधुनिकीकरण करने, पशुधन, डेयरी और मुर्गी पालन के लिए और पशुधन किसान उत्पादक संगठनों के गठन को प्रोत्साहित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। ज्यादा आमदनी वाली खोती के लिए, नारियल और चंदन जैसी फसलों को समर्थन दिया जाएगा ताकि कृषि उत्पादन में विविधता लाई जा सके, उत्पादकता बढ़ाई जा सके, किसानों की आय में वृद्धि की जा सके और नए रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें।
बजट में युवा रोजगार और स्थानीय विकास के लिए पर्यटन पर दांव
हर ज़िले में लड़कियों के लिए हॉस्टल, नया डिज़ाइन संस्थान
सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव—

प्रस्तावित मार्गों में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। वित्त मंत्री ने कहा, “पर्यावरण के अनुकूल यात्री प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए, हम शहरों के बीच विकास को जोड़ने वाले कनेक्टर के रूप में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करेंगे, जिनमें मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी शामिल हैं।”
टियर 2 और 3 शहरों पर फोकस
छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए 10 हज़ार करोड़
महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल
बयानबाजी नहीं सुधारों को प्राथमिकताः वित्त मंत्री
नौवीं बार बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से अर्थव्यवस्था में स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन, निरंतर विकास और मध्यम महंगाई की स्थिति देखी गई है। सीतारमण का कहना है कि सत्ता संभालने के बाद से सरकार ने बयानबाजी के बजाय सुधारों को प्राथमिकता दी है।
निर्मला के तीन कर्तव्य मंत्र—
- हमारा पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर तथा अस्थिर वैश्विक परिस्थितियों के प्रति लचीलापन बनाकर आर्थिक विकास को गति देना और उसे बनाए रखना है।
- –हमारा दूसरा कर्ता अपने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना है, ताकि वे भारत की समृद्धि के पथ में सशक्त भागीदार बन सकें।
- –हमारा तीसरा कर्ता, जो ‘सबका साथ सबका विकास’ के हमारे दृष्टिकोण से जुड़ा है, यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक परिवार, समुदाय, क्षेत्र और वर्ग को संसाधनों तक पहुंच प्राप्त हो।
रेयर मिनरल्स के लिए कॉरिडोर
Author: sarvendra chauhan
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