निर्मला सीतारमण का बजट 2026ः 9वां बजट की खास बातें क्या हैं

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार 1 फरवरी को अपना 9वां बजट पेश किया। उनके बजट की खास बातें जानिए।

मैन्यूफैक्चरिंग और दवाओं का ग्लोबल हब
सरकार हाई-टेक सेक्टर पर बड़ा दांव लगा रही है। Biopharma SHAKTI योजना के लिए ₹10,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं ताकि भारत दवाओं का ग्लोबल हब बन सके। ISM 2.0 के जरिए सेमीकंडक्टर डिजाइन और उपकरणों पर ध्यान दिया जाएगा, जबकि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट स्कीम का बजट दोगुना कर ₹40,000 करोड़ कर दिया गया है। ओडिशा और केरल जैसे राज्यों में दुर्लभ खनिजों (rare earth minerals) के लिए विशेष कॉरिडोर बनाए जाएंगे।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर ज़ोर
सरकार ने बुनियादी ढांचे के लिए ₹12.2 लाख करोड़ का बजट रखा है। अब ध्यान Tier-II और Tier-III शहरों पर है, जिन्हें “सिटी इकोनॉमिक रीजन्स” के रूप में विकसित किया जाएगा। मुंबई-पुणे जैसे रूट पर 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर और लॉजिस्टिक्स खर्च घटाने के लिए 20 नए नेशनल वॉटरवेज शुरू करने की योजना है।
Union Budget 2026: बजट में निर्मला सीतारमण ने इस राज्य के लिए खोली झोली, कर  दिए ये बड़े ऐलान!
छोटे और मध्यम उद्योगों का खास ध्यान
MSMEs के लिए ‘Champion MSME’ विजन और ₹10,000 करोड़ का ‘SME ग्रोथ फंड’ घोषित किया गया है। छोटे व्यापारियों को सरकारी नियमों में मदद करने के लिए ‘Corporate Mitras’ (पैरा-प्रोफेशनल) नियुक्त किए जाएंगे। साथ ही, नकदी संकट दूर करने के लिए TReDS प्लेटफॉर्म का विस्तार किया जाएगा।

कृषि में ज्यादा आमदनी वाली फसलों पर ज़ोर
किसानों को मौसम और कीटों की सटीक जानकारी देने के लिए ‘Bharat-VISTAAR’ नामक AI टूल लॉन्च किया जाएगा। काजू, कोको और अखरोट जैसी ‘हाई वैल्यू’ फसलों के उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है। तटीय राज्यों में नारियल की खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना लाई गई है।

आयकर में कोई बदलाव नहीं, रिटर्न की समय सीमा बढ़ी
टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन नियमों को सरल बनाया गया है। कई टैक्स अपराधों को गैर-आपराधिक (decriminalise) कर दिया गया है और जेल की सजा को कम किया गया है। सौर ऊर्जा और दुर्लभ खनिजों पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है, जबकि डेटा सेंटर सेवाओं के लिए विदेशी कंपनियों को 2047 तक टैक्स छूट का प्रस्ताव है।

नॉर्थ ईस्ट राज्यों पर भी मेहरबानी
पूर्वोत्तर और ‘पूर्वोदय’ राज्यों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यहाँ इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, टूरिज्म और बुद्ध सर्किट विकसित किए जाएंगे। अगर (Agar) के पेड़, बादाम और पाइन नट्स की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, पूर्वी क्षेत्र में एक नया National Institute of Design (NID) स्थापित किया जाएगा।

विदेश घूमना सस्ता होगा—Budget 2025: टूरिज्म सेक्टर को राहत, डेवलप किए जाएंगे 50 पर्यटन स्थल, रोजगार  बढ़ाने पर भी रहेगा जोर

केंद्रीय बजट विदेश यात्रा की योजना बना रहे भारतीयों के लिए खुशखबरी लेकर आया है। वित्त मंत्री ने विदेशी पर्यटन पैकेजों पर स्रोत पर कर (TCS) में भारी कटौती की घोषणा की है, जिससे विदेश यात्रा कर के लिहाज से अधिक किफायती और सरल हो जाएगी। नए प्रस्ताव के तहत, विदेशी पर्यटन पैकेजों पर TCS की दर मौजूदा 5% और 20% से घटाकर 2% कर दी जाएगी, जिसमें न्यूनतम राशि की कोई शर्त नहीं होगी। इसका मतलब है कि यात्रियों को अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन पैकेज बुक करते समय अग्रिम रूप से बहुत कम कर का भुगतान करना होगा।

आयकर रिटर्न कब भरना है

सरकार ने कहा- आयकर अधिनियम, 2025, 1 अप्रैल से लागू होगा। टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। नियम और टैक्स वापसी फॉर्म शीघ्र ही जारी किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि “आयकर रिटर्न में संशोधन के लिए उपलब्ध समय को 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च तक करने का प्रस्ताव है, जिसके लिए मामूली शुल्क देना होगा। टैक्स रिटर्न दाखिल करने की समयसीमा को भी चरणबद्ध करने का प्रस्ताव है – आईटीआर 1 कैटेगरी  और आईटीआर 2 कैटेगरी  वाले व्यक्ति 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल कर सकेंगे और गैर-ऑडिट व्यावसायिक मामलों या ट्रस्टों को 31 अगस्त तक का समय दिया जाएगा।

बजट में क्या सस्ता-क्या महंगा—Budget 2026 से क्या सस्ता-क्या महंगा हुआ? पढ़ाई, दवाई, खेल... जानें सब कुछ  | Budget 2026-27 Kya Sasta Kya Mahanga

बजट में कई टैक्सों और सीमा शुल्क में बदलाव किए गए हैं, जिससे कुछ वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी, जबकि कुछ महंगी हो सकती हैं।
सस्ती होने वाली प्रमुख चीजें 
  • कैंसर और डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों के लिए इस्तेमाल होने वाली 17 लाइफ-सेविंग दवाएं सस्ती होंगी।
  • मोबाइल फोन और टैबलेट के कंपोनेंट्स पर ड्यूटी में राहत मिलने से इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े प्रोडक्ट्स सस्ते हो सकते हैं।
  • इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी के लिए लिथियम-आयन सेल्स पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी (BCD) पूरी तरह से माफ कर दी गई है।
  • विदेशी शिक्षा, मेडिकल ट्रीटमेंट और टूर पैकेज पर TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) की दर कम की गई है, जिससे विदेश यात्रा सस्ती होगी।
  • सीफूड प्रोसेसिंग के इनपुट्स पर ड्यूटी-फ्री आयात सीमा तीन गुना बढ़ा दी गई है।
  • शू अपर (जूते के ऊपरी हिस्से) निर्यात उद्योग को भी इसी तरह की राहत दी गई है।
  • माइक्रोवेव ओवन के कुछ निर्दिष्ट पार्ट्स पर बेसिक कस्टम्स ड्यूटी माफ कर दी गई है, जिससे माइक्रोवेव ओवन सस्ते होंगे।

महंगी होने वाली प्रमुख चीजें

  • सिगरेट, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई गई है और नया सेस लगाया गया है, जिससे ये काफी महंगे हो जाएंगे।
  • शराब महंगी हो जाएगी।
  • फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी की गई है, जिससे स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग का खर्च बढ़ेगा।
  • व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए आयात की जाने वाली कुछ वस्तुओं पर कस्टम्स टैरिफ समायोजित किया गया है, जिससे वे महंगी हो सकती हैं।

मछली पालन, पशुपालन और ज्यादा आमदनी वाली खेती पर ज़ोर

कोस्टल क्षेत्रों में मछली पालन को मजबूत करने के लिए, सरकार जलाशयों (झील) का विकास करेगी और स्टार्टअप, महिला नेतृत्व वाले समूहों और मछली किसान उत्पादक संगठनों को शामिल करते हुए उन्हें बाजार से जोड़ेगी। पशुपालन में, ऋण-आधारित सब्सिडी कार्यक्रम के जरिए ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण रोजगार प्रदान करने, पशुधन उद्यमों का विस्तार और आधुनिकीकरण करने, पशुधन, डेयरी और मुर्गी पालन के लिए और पशुधन किसान उत्पादक संगठनों के गठन को प्रोत्साहित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। ज्यादा आमदनी वाली खोती के लिए, नारियल और चंदन जैसी फसलों को समर्थन दिया जाएगा ताकि कृषि उत्पादन में विविधता लाई जा सके, उत्पादकता बढ़ाई जा सके, किसानों की आय में वृद्धि की जा सके और नए रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकें।

बजट में युवा रोजगार और स्थानीय विकास के लिए पर्यटन पर दांव

बजट में पर्यटन को रोजगार और विकास रणनीति के केंद्र में रखा गया है। इसमें रोजगार सृजन, विदेशी मुद्रा की कमाई और स्थानीय आर्थिक विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया है। सरकार ने संस्थान निर्माण, स्किलिंग, डिजिटल दस्तावेजीकरण और इको-टूरिज्म पहल के जरिए पूरे भारत में इस क्षेत्र को मजबूत करने की योजना बनाई है। इसे समर्थन देने के लिए सरकार नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी को अपग्रेड करके नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी स्थापित करेगी। यह संस्थान अकादमिक जगत, उद्योग और सरकार के साथ मिलकर हॉस्पिटैलिटी में प्रशिक्षण और मानकों को बेहतर बनाएगा। ग्रासरूट स्तर पर स्किलिंग पर भी मजबूत फोकस रहेगा। वित्त मंत्री ने कहा, “मैं 20 प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड्स को अपस्किल करने के लिए एक पायलट योजना प्रस्तावित करता/करती हूं। यह भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) के सहयोग से हाइब्रिड मोड में 12 सप्ताह का मानकीकृत, उच्च-गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण कोर्स होगा।”
उन्होंने कहा, पर्यटन के लिए डिजिटल आधार तैयार करने को नेशनल डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड बनाया जाएगा। जैसा कि घोषणा की गई है, “सभी महत्वपूर्ण स्थानों, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और विरासत स्थलों का डिजिटल दस्तावेजीकरण करने के लिए एक राष्ट्रीय डेस्टिनेशन डिजिटल नॉलेज ग्रिड स्थापित किया जाएगा।” इससे स्थानीय शोधकर्ताओं, इतिहासकारों, कंटेंट क्रिएटर्स और टेक्नोलॉजी पार्टनर्स के लिए नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।मबजट में इको-टूरिज्म और प्रकृति-आधारित यात्रा पर भी विशेष जोर दिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा, “भारत के पास विश्वस्तरीय ट्रेकिंग और हाइकिंग अनुभव प्रदान करने की क्षमता और अवसर है।” मसरकार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में  पहाड़ी ट्रेल्स विकसित करेगी, साथ ही पूर्वी घाट में अराकू घाटी और पश्चिमी घाट में पुडिगई मलै में भी ऐसा करेगी।मइसके अलावा, वन्यजीव पर्यटन के लिए विशेष ट्रेल्स बनाए जाएंगे। इनमें ओडिशा, कर्नाटक और केरल के नेस्टिंग साइट्स पर कछुआ ट्रेल्स, तथा पुलिकट झील के आसपास बर्ड-वॉचिंग ट्रेल्स शामिल हैं।

हर ज़िले में लड़कियों के लिए हॉस्टल, नया डिज़ाइन संस्थानबजट

अनुमान है कि 2030 तक तमाम क्षेत्रों में 20 लाख प्रोफेशनल्स की आवश्यकता होगी। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए, सरकार ने मुंबई स्थित भारतीय रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) को देश भर के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में ABGC कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने में सहायता देने की योजना की घोषणा की है। भारतीय डिज़ाइन उद्योग में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए, ईस्ट भारत में एक नया राष्ट्रीय डिज़ाइन संस्थान स्थापित किया जाएगा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में, सरकार प्रमुख औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के निकट पाँच विश्वविद्यालय टाउनशिप बनाने में राज्यों का समर्थन करेगी। इन शैक्षणिक क्षेत्रों में कई विश्वविद्यालय, कॉलेज, अनुसंधान संस्थान, कौशल केंद्र और आवासीय सुविधाएं शामिल होंगी। वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि लंबे समय तक अध्ययन और प्रयोगशाला कार्य से छात्राओं को चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, और VGF योजना के तहत, हर जिले में लड़कियों के लिए हॉस्टल स्थापित किया जाएगा।

सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का प्रस्ताव—

Budget 2026: वित्त मंत्री ने की 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा, देश के  प्रमुख शहरों को मिलेगा लाभ; जानें रूट

केंद्रीय बजट में प्रमुख शहरी और आर्थिक केंद्रों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव है। ये कॉरिडोर विकास को जोड़ने वाले कनेक्टर के रूप में काम करेंगे, जिससे यात्रा का समय कम होगा, कॉर्बन घटेगा और क्षेत्रीय विकास को समर्थन मिलेगा।
प्रस्तावित मार्गों में मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी शामिल हैं। वित्त मंत्री ने कहा, “पर्यावरण के अनुकूल यात्री प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए, हम शहरों के बीच विकास को जोड़ने वाले कनेक्टर के रूप में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करेंगे, जिनमें मुंबई से पुणे, पुणे से हैदराबाद, हैदराबाद से बेंगलुरु, हैदराबाद से चेन्नई, चेन्नई से बेंगलुरु, दिल्ली से वाराणसी और वाराणसी से सिलीगुड़ी शामिल हैं।”

टियर 2 और 3 शहरों पर फोकस

सीतारमण ने घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2027 के लिए पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “हम 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों, यानी टियर 2 और टियर 3 स्तर के शहरों, जो विकास केंद्र बन गए हैं, में बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेंगे। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय 2014-15 में 2 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 11.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है। आगामी वर्ष, यानी वित्त वर्ष 2026-27 में, मैं इस गति को बनाए रखने के लिए इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव करती हूं।
पश्चिम बंगाल के डांगकुनी से गुजरात में सूरत को जोड़ने वाले नए समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर स्थापित होगा। पर्यावरण के अनुकूल माल ढुलाई को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में 20 नए राष्ट्रीय जलमार्गों को चालू किया जाएगा।

छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए 10 हज़ार करोड़

लघु एवं मध्यम उद्यमों के विकास के लिए 10,000 करोड़ रुपये के समर्पित कोष की घोषणा। सरकार ने भविष्य में रोजगार सृजित करने और चुनिंदा मानदंडों के आधार पर उद्यमों को प्रोत्साहन देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के समर्पित लघु एवं मध्यम उद्यम विकास कोष की शुरुआत का प्रस्ताव रखा है। सीतारमण ने घोषणा की है कि वित्त वर्ष 2027 के लिए पूंजीगत व्यय बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है।

महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल का प्रस्ताव रखा। इस पहल का उद्देश्य वैश्विक बाजार से जुड़ाव और ब्रांडिंग सहायता प्रदान करना है, साथ ही प्रशिक्षण, स्किलिंग और उत्पादन की गुणवत्ता को सुव्यवस्थित करना। इससे बुनकरों, ग्राम उद्योगों, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) कार्यक्रम और ग्रामीण युवाओं को लाभ होने की उम्मीद है। टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पांच कार्यक्रम का प्रस्ताव रखा। पहला है राष्ट्रीय फाइबर योजना, जिसका लक्ष्य रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबरों में आत्मनिर्भरता हासिल करना है, साथ ही मानव-निर्मित और नए औद्योगिक युग के फाइबरों में भी। दूसरा है टेक्सटाइल विस्तार और रोजगार योजना, जो पारंपरिक क्लस्टरों को आधुनिक बनाने के लिए मशीनरी, तकनीकी उन्नयन और सामान्य परीक्षण एवं प्रमाणीकरण केंद्रों के लिए पूंजी सहायता प्रदान करेगी। तीसरा है राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम (NHHP), जो मौजूदा योजनाओं को एकीकृत और मजबूत करने के साथ बुनकरों और कारीगरों के लिए टारगेट सहायता सुनिश्चित करेगा।

बयानबाजी नहीं सुधारों को प्राथमिकताः वित्त मंत्री

नौवीं बार बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से अर्थव्यवस्था में स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन, निरंतर विकास और मध्यम महंगाई की स्थिति देखी गई है। सीतारमण का कहना है कि सत्ता संभालने के बाद से सरकार ने बयानबाजी के बजाय सुधारों को प्राथमिकता दी है।

उनका कहना है कि सरकार ने आत्मनिर्भरता को मार्गदर्शक सिद्धांत बनाकर 7% की उच्च विकास दर हासिल की है। उन्होंने कहा कि आज का बाहरी वातावरण ऐसा है कि संसाधनों तथा सप्लाई चेन तक पहुंच बाधित है। भारत को ग्लोबल बाजारों से गहराई से जुड़ा रहना चाहिए, निर्यात बढ़ाना चाहिए और स्थिर दीर्घकालिक निवेश आकर्षित करना चाहिए।

निर्मला के तीन कर्तव्य मंत्र—कर्तव्य भवन में बने भारत के लिए अपने कर्तव्य निर्वहन वाले पहले बज़ट के तीन  प्रमुख संकल्पित कर्तव्य — (1) आर्थिक ग्रोथ को बढ़ावा देना (निवेश ...

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह कर्तव्य भवन में तैयार किया गया पहला बजट है, हम तीन कर्तव्यों से प्रेरित हैं।

  • हमारा पहला कर्तव्य उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाकर तथा अस्थिर वैश्विक परिस्थितियों के प्रति लचीलापन बनाकर आर्थिक विकास को गति देना और उसे बनाए रखना है।
  • –हमारा दूसरा कर्ता अपने लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और उनकी क्षमता का निर्माण करना है, ताकि वे भारत की समृद्धि के पथ में सशक्त भागीदार बन सकें।
  • –हमारा तीसरा कर्ता, जो ‘सबका साथ सबका विकास’ के हमारे दृष्टिकोण से जुड़ा है, यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक परिवार, समुदाय, क्षेत्र और वर्ग को संसाधनों तक पहुंच प्राप्त हो।

रेयर मिनरल्स के लिए कॉरिडोर

सीतारमण ने कहा कि ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के माध्यम से स्वास्थ्य उन्नति के लिए बायोफार्मा रणनीति स्वास्थ्य सेवा में भारत के डिजिटल ईको सिस्टम को मजबूत करेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में दुर्लभ खनिज गलियारों की स्थापना की जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के सेमीकंडक्टर मिशन 1.0 ने देश की सेमीकंडक्टर क्षमताओं का विस्तार किया है। इसी आधार पर सरकार उपकरण और सामग्री उत्पादन, पूर्ण-स्टैक भारतीय बौद्धिक संपदा (आईपी) विकास और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए आईएसएम 2.0 की शुरुआत करेगी।

Leave a Comment

Read More