गाजियाबाद : एक रुपये की क्या कीमत होती है? शायद कुछ भी नहीं, या फिर शायद इतनी कि किसी गरीब की ईमानदारी और उसकी जान आफत में आ जाए। गाजियाबाद के मुरादनगर से आई एक खौफनाक तस्वीर ने सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या रसूख और सत्ता का नशा इस कदर अंधा कर देता है कि इंसान की गरिमा का कोई मोल ही न बचे?
यह कहानी है बुलंदशहर के रहने वाले रिंकू की, जो पिछले दो साल से भिक्कनपुर के एक पेट्रोल पंप पर सेल्समैन की नौकरी कर अपने परिवार का पेट पाल रहा है। लेकिन 20 मई 2026 की वह शाम उसके लिए काफी भयानक साबित हुई।
‘एक रुपया’ और प्रधान जी के भांजे का अहंकार
शाम का वक्त था, रिंकू रोज़ की तरह अपनी ड्यूटी पर तैनात था। तभी एक युवक गाड़ी में डीजल लेने पहुंचता है। कुल बिल बनता है ₹1001। युवक जेब से पैसे निकालता है और ₹1000 देकर मुड़ने लगता है।
रिंकू पूरी ईमानदारी से, बेहद सहज भाव से अपने हक का वह एक रुपया मांग लेता है। बस, यही बात उस रसूखदार युवक के ‘अहंकार’ को चुभ जाती है। वो भड़क उठता है, गालियां देने लगता है और चिल्लाकर कहता है ‘जानता नहीं मैं कौन हूं? मथुरापुर के ग्राम प्रधान झब्बर सिंह का भांजा हूं!’ जान से मारने की धमकी देकर वो चला तो जाता है, लेकिन नफरत की एक चिंगारी छोड़ जाता है।
बात महज एक रुपये की थी, जो शायद कोई भी समझदार इंसान भूल जाता। लेकिन दबंगों को कानून और इंसानियत का कोई खौफ नहीं था। कुछ ही देर बाद वह युवक अकेले नहीं लौटता। उसके साथ आते हैं उसके मामा यानी ग्राम प्रधान झब्बर सिंह, उनके भाई अनुज और लाठी-डंडों से लैस कई गुर्गे।
एक तरफ रसूखदार, रसूख के नशे में चूर आधा दर्जन लोग और दूसरी तरफ रोजी-रोटी कमाने घर से दूर आया एक अकेला रिंकू। उन दबंगों ने रिंकू को चारों तरफ से घेरा और फिर शुरू हुआ बेरहमी का वो तांडव, जिसे देखकर किसी का भी दिल दहल जाए। लात-घूसों और थप्पड़ों की वो बरसात… रिंकू रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन प्रधान जी और उनके कुनबे को न तो उसकी बेबसी पर तरस आया और न अपनी मर्यादा का ख्याल रहा। रिंकू को लहूलुहान कर सभी आरोपी बड़ी शान से मौके से फरार हो गए।
कैमरे में कैद हुआ सच
यह पूरी खौफनाक वारदात पेट्रोल पंप पर लगे CCTV कैमरे में दर्ज हो गई। जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया, तो देखने वालों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे सत्ता के नशे में चूर लोग एक गरीब कर्मचारी की गरिमा को तार-तार कर रहे हैं।
जनता के आक्रोश के बाद पुलिस भी जागी। घटना के चार दिन बाद, यानी 24 मई 2026 को मुरादनगर थाने में FIR नंबर 0232 दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) (चोट पहुंचाना), 352 (शांति भंग करना) और 351(3) (जान से मारने की धमकी) के तहत केस तो दर्ज कर लिया है। ACP भास्कर वर्मा का कहना है कि आरोपियों की पहचान हो चुकी है और टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं।
Author: sarvendra chauhan
Share this:
- Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
- Share on X (Opens in new window) X
- Print (Opens in new window) Print
- Email a link to a friend (Opens in new window) Email
- Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
- Share on Threads (Opens in new window) Threads
- Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp










