सूर्य अष्टोत्तरशत नामावली, स्तोत्र और फल
ब्रम्हपुराण के अनुसार भगवान सूर्य के इस स्तोत्र का पठन एवं शुद्ध एकाग्र चित्त से उनका कीर्तन करने से शोक खत्म होकर मनोवांछित भोगों की प्राप्ति हो सकती हैं।
सूर्य अष्टोत्तरशत नामावली
1. ॐ अरुणाय नमः।
2. ॐ शरण्याय नमः।
3. ॐ करुणारससिन्धवे नमः।
4. ॐ असमानबलाय नमः।
5. ॐ आर्तरक्षकाय नमः।
6. ॐ आदित्याय नमः।
7. ॐ आदिभूताय नमः।
8. ॐ अखिलागमवेदिने नमः।
9. ॐ अच्युताय नमः।
10. ॐ अखिलज्ञाय नमः।
11. ॐ अनन्ताय नमः।
12. ॐ इनाय नमः।
13. ॐ विश्वरूपाय नमः।
14. ॐ इज्याय नमः।
15. ॐ इन्द्राय नमः।
16. ॐ भानवे नमः।
17. ॐ इन्दिरामन्दिराप्ताय नमः।
18. ॐ वन्दनीयाय नमः।
19. ॐ ईशाय नमः।
20. ॐ सुप्रसन्नाय नमः।
21. ॐ सुशीलाय नमः।
22. ॐ सुवर्चसे नमः।
23. ॐ वसुप्रदाय नमः।
24. ॐ वसवे नमः।
25. ॐ वासुदेवाय नमः।
26. ॐ उज्ज्वलाय नमः।
27. ॐ उग्ररूपाय नमः।
28. ॐ ऊर्ध्वगाय नमः।
29. ॐ विवस्वते नमः।
30. ॐ उद्यत्किरणजालाय नमः।
31. ॐ हृषीकेशाय नमः।
32. ॐ ऊर्जस्वलाय नमः।
33. ॐ वीराय नमः।
34. ॐ निर्जराय नमः।
35. ॐ जयाय नमः।
36. ॐ ऊरुद्वयाभावरूपयुक्तसारथये नमः।
37. ॐ ऋषिवन्द्याय नमः।
38. ॐ रुग्घन्त्रे नमः।
39. ॐ ऋक्षचक्रचराय नमः।
40. ॐ ऋजुस्वभावचित्ताय नमः।
41. ॐ नित्यस्तुत्याय नमः।
42. ॐ ऋकारमातृकावर्णरूपाय नमः।
43. ॐ उज्ज्वलतेजसे नमः।
44. ॐ ऋक्षाधिनाथमित्राय नमः।
45. ॐ पुष्कराक्षाय नमः।
46. ॐ लुप्तदन्ताय नमः।
47. ॐ शान्ताय नमः।
48. ॐ कान्तिदाय नमः।
49. ॐ घनाय नमः।
50. ॐ कनत्कनकभूषाय नमः।
51. ॐ खद्योताय नमः।
52. ॐ लूनिताखिलदैत्याय नमः।
53. ॐ सत्यानन्दस्वरूपिणे नमः।
54. ॐ अपवर्गप्रदाय नमः।
55. ॐ आर्तशरण्याय नमः।
56. ॐ एकाकिने नमः।
57. ॐ भगवते नमः।
58. ॐ सृष्टिस्थित्यन्तकारिणे नमः।
59. ॐ गुणात्मने नमः।
60. ॐ घृणिभृते नमः।
61. ॐ बृहते नमः।
62. ॐ ब्रह्मणे नमः।
63. ॐ ऐश्वर्यदाय नमः।
64. ॐ शर्वाय नमः।
65. ॐ हरिदश्वाय नमः।
66. ॐ शौरये नमः।
67. ॐ दशदिक्सम्प्रकाशाय नमः।
68. ॐ भक्तवश्याय नमः।
69. ॐ ओजस्कराय नमः।
70. ॐ जयिने नमः।
71. ॐ जगदानन्दहेतवे नमः।
72. ॐ जन्ममृत्युजराव्याधिवर्जिताय नमः।
73. ॐ उच्चस्थानसमारूढरथस्थाय नमः।
74. ॐ असुरारये नमः।
75. ॐ कमनीयकराय नमः।
76. ॐ अब्जवल्लभाय नमः।
77. ॐ अन्तर्बहिःप्रकाशाय नमः।
78. ॐ अचिन्त्याय नमः।
79. ॐ आत्मरूपिणे नमः।
80. ॐ अच्युताय नमः।
81. ॐ अमरेशाय नमः।
82. ॐ परस्मै ज्योतिषे नमः।
83. ॐ अहस्कराय नमः।
84. ॐ रवये नमः।
85. ॐ हरये नमः।
86. ॐ परमात्मने नमः।
87. ॐ तरुणाय नमः।
88. ॐ वरेण्याय नमः।
89. ॐ ग्रहाणाम्पतये नमः।
90. ॐ भास्कराय नमः।
91. ॐ आदिमध्यान्तरहिताय नमः।
92. ॐ सौख्यप्रदाय नमः।
93. ॐ सकलजगताम्पतये नमः।
94. ॐ सूर्याय नमः।
95. ॐ कवये नमः।
96. ॐ नारायणाय नमः।
97. ॐ परेशाय नमः।
98. ॐ तेजोरूपाय नमः।
99. ॐ हिरण्यगर्भाय नमः।
100. ॐ सम्पत्कराय नमः।
101. ॐ इष्टार्थदाय नमः।
102. ॐ सुप्रसन्नाय नमः।
103. ॐ श्रीमते नमः।
104. ॐ श्रेयसे नमः।
105. ॐ सौख्यदायिने नमः।
106. ॐ दीप्तमूर्तये नमः।
107. ॐ निखिलागमवेद्याय नमः।
108. ॐ नित्यानन्दाय नमः।
सूर्य अष्टोत्तरशत नामावली स्तोत्र
ॐ सूर्योऽर्यमा भगस्त्वष्टा पूषार्कः सविता रविः। गभस्तिमानजः कालो मृत्युर्धाता प्रभाकरः॥
पृथिव्यापश्च तेजश्च खं वायुश्च परायणम्। सोमो बृहस्पतिः शुक्रो बुधोऽङ्गारक एव च॥
इन्द्रो विवस्वान्दीप्तांशुः शुचिः सौरिः शनैश्चरः। ब्रह्मा विष्णुश्च रुद्रश्च स्कन्दो वैश्रवणो यमः॥
वैद्युतो जाठरश्चाग्निरैन्धनस्तेजसां पतिः। धर्मध्वजो वेदकर्ता वेदाङ्गो वेदवाहनः॥
कृतं त्रेता द्वापरश्च कलिः सर्वामराश्रयः। कलाकाष्ठामुहूर्ताश्च क्षपा यामास्तथा क्षणाः॥
संवत्सरकरोऽश्वत्थः कालचक्रो विभावसुः। पुरुषः शाश्वतो योगी व्यक्ताव्यक्तः सनातनः॥
कालाध्यक्षः प्रजाध्यक्षो विश्वकर्मा तमोनुदः। वरुणः सागरोंऽशश्च जीमूतो जीवनोऽरिहा॥
भूताश्रयो भूतपतिः सर्वलोकनमस्कृतः। स्रष्टा संवर्तको वह्निः सर्वस्यादिरलोलुपः॥
अनन्तः कपिलो भानुः कामदः सर्वतोमुखः। जयो विशालो वरदः सर्वभूतनिषेवितः॥
मनः सुपर्णो भूतादिः शीघ्रगः प्राणधारणः धन्वन्तरिर्धूमकेतुरादिदेवोऽदितेः सुतः॥
द्वादशात्मा रविर्दक्षः पिता माता पितामहः। स्वर्गद्वारं प्रजाद्वारं मोक्षद्वारं त्रिविष्टपम्॥
देहकर्ता प्रशान्तात्मा विश्वात्मा विश्वतोमुखः। चराचरात्मा सूक्ष्मात्मा मैत्रेयः करुणान्वितः॥
जिनके पास 108 मंत्रजप के लिए जपमाला या काउंटर ना हो, जो उंगलियों पर काउंटिंग नहीं करना चाहते हो वें लोग इस तरह नामावली या स्तोत्र का प्रयोग कर सकते हैं।
इस भाग में इतना ही।
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धन्यवाद!
Author: sarvendra chauhan
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