पहली फरवरी को आम बजट जारी हुआ। रेलवे की प्रमुख योजनाओं की घोषणा वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने की। वहीं लखनऊ केंद्रित रेल सुविधाएं, ट्रेनों आदि को लेकर बजट में क्या तोहफे मिले हैं, इसकी जानकारी अगले हफ्ते हो सकेगी। दरअसल, रेलवे की ओर से पिंकबुक जारी की जाती है। इसमें विस्तृत रूप से योजनाओं व उनको लेकर स्वीकृत धनराशि की जानकारी होती है। फिलहाल रेलवे अफसरों को उम्मीद है कि लखनऊ के रास्ते पांच वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें यात्रियों को मिलेंगी।
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर दिल्ली से वाराणसी वाया लखनऊ के बीच चलाने की तैयारी थी। लेकिन ऐन मौके पर यह तोहफा पश्चिम बंगाल को दे दिया गया। पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के बाद कई अन्य स्लीपर ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। रेलवे अधिकारी बताते हैं कि अयोध्या से दिल्ली, वाराणसी से दिल्ली, जम्मू से हावड़ा, मुंबई से गोरखपुर और चंडीगढ़ से कोलकाता वाया लखनऊ वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों को चलाया जाएगा। हालांकि इन ट्रेनों को चरणबद्घ ढंग से पटरी पर उतारा जाएगा। रेलवे अधिकारियों को उम्मीद है कि लखनऊ के रास्ते पांच शहरों को चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों में इस वर्ष दो ट्रेनें पटरी पर उतारने की तैयारी है।
पिंक बुक में मिलेंगी सौगातें

स्टेशन अपग्रेडेशन होगा तेज, बनेगा फोरलेन आउटर
चारबाग व गोमतीनगर रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। यह काम रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण द्वारा किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त चारबाग फोरलेन आउटर, यार्ड, छोटे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं के विकास, इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम, आरडीएसओ में नए अनुसंधानों को लेकर खासा बजट मिलने की उम्मीद अफसरों को है।
चारबाग को मिलेगा लखनऊ जंक्शन!
लखनऊ जंक्शन को चारबाग स्टेशन का हिस्सा बनाकर यात्री सुविधाएं बढ़ाने की कवायद भी लंबे समय से चल रही है। जंक्शन पूर्वोत्तर रेलवे व चारबाग उत्तर रेलवे का स्टेशन है। ऐसे में पूर्वोत्तर रेलवे का जंक्शन स्टेशन चारबाग को देने से ग्रेटर चारबाग बन सकेगा। इससे कैबवे सहित अन्य विवाद खत्म हो सकेंगे।
ट्रेनों में लगेंगे सीसीटीवी, स्टेशनों पर बढ़ेगी सुरक्षा
कई लग्जरी ट्रेनों में सीसीटीवी लगाने की कवायद को लेकर बजट में धनराशि आवंटित होने की उम्मीद अफसरों को है। इससे ट्रेनों में यात्रियों का सफर सुरक्षित हो सकेगा। इसके अतिरिक्त स्टेशनों पर सीसीटीवी सहित इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी सिस्टम पर काम किया जाएगा। लखनऊ से कानपुर और लखनऊ-गोरखपुर के बीच कवच सिस्टम से हादसों को रोका जाएगा।
Author: sarvendra chauhan
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