सोमवार को देश के वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी के दाम पीक से 46 फीसदी से ज्यादा नीचे आ गए. आंकड़ों को देखें तो 29 जनवरी को चांदी की कीमतें 4.20 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के लेवल को पार कर गई थी. उसके बाद से चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. सोमवार को कारोबारी सत्र के दौरान चांदी की कीमत 2,25,805 रुपए के साथ लोअर लेवल पर दिखाई दी.
29 जनवरी को देश के वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में चांदी ने लाइफ टाइम हाई का रिकॉर्ड बनाया था. दोपहर के समय चांदी के दाम 4.20 लाख रुपए के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गए थे. लेकिन किसी को ये नहीं पता था कि महज 70 से 80 घंटों में चांदी की कीमतें जमीन चाटने लगेंगी. जी हां, 4 दिन से भी कम समय में चांदी की कीमतों में 46 फीसदी की गिरावट देखने को मिल चुकी है.
इस गिरावट ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है, जब 1980 में इंटरनेशनल मार्केट में चांदी की कीमतें जबरदस्त तरीके से धराशाई हुई थी. तब चांदी के दाम 5 महीनों में अपने पीक से 70 फीसदी नीचे आए थे. यहां महज कुछ दिनों में 46 फीसदी से ज्यादा नीचे आ चुके हैं. ऐसी गिरावट तो 1980 में भी देखने को नहीं मिली थी.
सबसे बड़ा सवाल ये खड़ा हो गया है कि आखिर चांदी के दाम कितना नीचे और जाएंगे? क्या चांदी की कीमतों में 1980 जैसी 70 फीसदी की गिरावट देखने को मिलेगी? अगर ऐसा हुआ तो चांदी के दाम 1.25 लाख रुपए पर आने की संभावना है. लेकिन ऐसा काफी मुश्किल लग रहा है. जानकारों का मानना है कि चांदी के दाम 2 लाख रुपए से नीचे आ सकते हैं. उसके कुछ कारण भी हैं. पहला सबसे बड़ा कारण गोल्ड सिल्वर रेश्यो का बढ़ना है. उसके बाद फेड रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती ना करना.
पीक से 46 फीसदी नीचे आई चांदी
सोमवार को देश के वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी के दाम पीक से 46 फीसदी से ज्यादा नीचे आ गए. आंकड़ों को देखें तो 29 जनवरी को चांदी की कीमतें 4.20 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के लेवल को पार कर गई थी. उसके बाद से चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. सोमवार को कारोबारी सत्र के दौरान चांदी की कीमत 2,25,805 रुपए के साथ लोअर लेवल पर दिखाई दी. इसका मतलब है कि चांदी की कीमतों में 4 दिनों से भी कम समय में 46 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल चुकी है. 1980 के बाद से चांदी में इस तरह की तेज गिरावट कभी भी देखने को नहीं मिली. कुछ जानकारों का तो ये भी कहना है कि साल 1980 में भी ऐसी तेज गिरावट नहीं देखने को मिली थी.
70 से 80 घंटों में चांदी करीब 2 लाख रुपए टूटी
अगर इस गिरावट को रुपए के हिसाब से देखें तो बीते 70 से 80 घंटे में चांदी के दाम में करीब 2 लाख रुपए की गिरावट देखने को मिल चुकी है. चांदी के दाम 4.20 लाख रुपए के पीक पर थे. जो कि 2.25 लाख रुपए के लेवल पर दिखाई दिए. इसका मतलब है कि चांदी की कीमतों में 1.94 लाख रुपए की गिरावट देखने को मिल चुकी है. यानी पीक पर पहुंचने के बाद अब तक हर घंटे में चांदी के दाम में 2,400 रुपए की गिरावट देखी गई है. जिसकी वजह से सिर्फ चांदी के निवेशकों को ही नहीं बल्कि दुनिया के सभी तरह के निवेशकों को हैरानी हो रही है. जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में चांदी के दाम में और गिरावट देखने को मिल सकती है.
क्या है चांदी का मौजूदा स्टेटस?
दोपहर 1 बजकर 45 मिनट पर चांदी की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है. आंकड़ों को देखें तो चांदी के दाम में 32,342 रुपए की गिरावट देखने को मिल रही है और दाम 2,35,339 रुपए पर देखने को मिल रहा है. वैसे चांदी के दाम सुबह के समय 2,67,501 रुपए पर ओपन हुई थी. जबकि रविवार को स्पेशल ट्रेडिंग के दौरान चांदी के दाम 2,65,652 रुपए पर बंद हुई थी. जानकारों का कहना है कि चांदी के दाम में लगातार गिरावट जारी रहेगी. कीमतें 2 लाख रुपए से कम देखने को मिल सकती हैं.
2 लाख से नीचे आएगी चांदी?
अगर मंगलवार को चांदी की कीमतों में 25 हजार रुपए की गिरावट देखने को मिली तो कीमतें 2 लाख रुपए से नीचे देखने को मिल सकती है. जानकारों की मानें तो चांदी की कीमतों ये गिरावट पिछले करीब 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ती हुई दिखाई दे रही है. साल 1980 में चांदी के दाम 5 महीने में पीक से 70 फीसदी गिरे थे. मौजूदा समय में कीमतें 4 दिनों में 46 फीसदी से ज्यादा नीचे आ गई है. ट्रेडिंग डे के दौरान चांदी के दाम 50 फीसदी तक नीचे आ सकते हैं. जोकि अब तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है.
क्यों टूट रहे हैं चांदी के दाम?
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने टीवी9 हिंदी डिजिटल से बात करते हुए कहा कि चांदी की कीमतों मे गिरावट का बड़ा कारण गोल्ड सिल्वर रेश्यो है. मौजूदा समय में गोल्ड सिल्वर रेश्यो 61 के लेवल के पार चला गया है. बीते कुछ दिनों में गोल्ड सिल्वर रेश्यो में 42 फीसदी से ज्यादा का इजाफा देखने को मिल चुका है. उन्होंने कहा कि गोल्ड सिल्वर रेश्यो 70 के लेवल पर जाने की संभावना है. अगर कुछ दिनों में ऐसा हुआ तो चांदी की कीमतें देश के वायदा बाजार में 2 लाख रुपए से नीचे देखने को मिल सकता है. वहीं उन्होंने कहा कि फेड मौजूदा साल में रेट कट पर कोई विचार नहीं कर रहा है. अगर रेट कट हुआ तो जून या फिर जुलाई की मीटिंग में देखने को मिल सकता है. उसके बाद आम लोगों को एक लंबा इंतजार करना पड़ सकता है.
Author: sarvendra chauhan
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