लखनऊ। साहित्य समीक्षा संस्था एवं कोहबर प्रकाशन के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. रामसेवक ‘विकल’ द्वारा रचित भोजपुरी लोकगीतों के संकलन “आखर” का भव्य लोकार्पण एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, लखनऊ में किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रख्यात लोकगायिका कुसुम वर्मा और मुख्य वक्ता डॉ. अनिल सैनी रहे। आखर पुस्तक का संपादन डॉ. विकल के सुपौत्र आनन्द कुमार ने किया।
पुस्तक लोकार्पण के बाद विभिन्न राज्यों से आए साहित्यकारों एवं कवियों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर डॉ. आदित्य अंशु, डॉ. अनिल सैनी, रमाशंकर सिंह, शिवमंगल सिंह, राजेश सिंह, प्रशांत अरहत, अनुराग अनंत, रमाशंकर वर्मा, कौन्तेय जय और बुद्धप्रिय कृष्णा राय जैसे प्रतिष्ठित साहित्यकारों को सम्मानित किया गया।
मुख्य वक्ता डॉ. अनिल सैनी ने अपने संबोधन में लोकगीतों और भारतीय संस्कृति के गहरे संबंध पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकसाहित्य समाज की आत्मा है।
कार्यक्रम का सफल संचालन शिवांश त्रिपाठी एवं प्रशांत अरहत ने किया।
👉 यह आयोजन साहित्य, संस्कृति और लोकगीतों की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का सार्थक प्रयास साबित हुआ।

Author: sarvendra chauhan
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