Israel Gaza Great Thunberg: इसराइली नौसेना ने ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला से जुड़ी कई नावों को रोक लिया, जो ग़ज़ा में मानवीय सहायता सामग्री पहुंचाने की कोशिश कर रही थीं। इस अभियान में स्वीडिश पर्यावरण और मानवाधिकार कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग भी शामिल थीं। इसराइली अधिकारियों ने सभी यात्रियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें इसराइली बंदरगाह पर ले जाया गया। इसराइल ने ऐसी अमानवीय हरकत यूएन सहित कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के साथ पहले भी किया है। राहत सामग्री वाले उनके शिप और प्लेन को नहीं पहुंचने दिया गया।

इसराइली नेवी ने नाव को टक्कर मारी, पानी की बौछारें कीं—
ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला ने इस कार्रवाई को अवैध करार देते हुए इसे “निराशाजनक कार्य” बताया है। संगठन ने आरोप लगाया कि एक नाव को जानबूझकर टक्कर मार दी गई, जबकि अल्मा, सूरियस और अदारा जैसी कई नावों पर पानी की बौछारें की गईं और उन पर चढ़कर कब्जा कर लिया गया।
फ्लोटिला ने दावा किया कि इसराइली सेना ने नावों के संचार उपकरणों को नुकसान पहुंचाया ताकि संकट संकेत और लाइवस्ट्रीम रोके जा सकें। इससे पहले, फ्लोटिला पर ड्रोन हमले हुए थे, जिसमें स्टन ग्रेनेड और खुजली पैदा करने वाला पाउडर गिराया गया, जिससे नावों को नुकसान पहुंचा लेकिन कोई चोट नहीं लगी। इसराइल ने ड्रोन हमले पर टिप्पणी नहीं की, लेकिन कहा कि वह हमास उग्रवादियों के खिलाफ वैध नौसैनिक नाकाबंदी को तोड़ने से रोकने के लिए हर साधन का इस्तेमाल करेगा।
इस घटना के खिलाफ ग्रीस, इटली, ट्यूनिशिया और तुर्की में विरोध प्रदर्शन हुए। लगभग दो वर्षों के युद्ध ने ग़ज़ा को बर्बाद कर दिया है। इसराइली अमानवीयता सारी हदों को पार कर चुकी है। वो दुनिया के किसी भी देश की बात सुनने को तैयार नहीं है।Author: sarvendra chauhan
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