आखिर क्या है बीएलजेपीसी (छाँगुर बाबा लव जिहाद प्लेसमेंट कंपनी)!

छांगुर नाम का जिहादी उर्फ जलालुद्दीन कुछ समय पहले तक साइकिल पर अंगूठी और ताबीज बेचा करता था।
आज 106 करोड़ की संपत्ति का मालिक है।
छांगुर ने 10 लाख से लेकर 16 लाख में अलग अलग जातियों वाले हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराने का रेट तय कर रखा था।
इतना ही नहीं छांगुर का बेटा मेहराब ने भी दलित समाज की एक महिला को छल से घर पर बुलाया और दुष्कर्म किया,धर्मांतरण कराने की कोशिश की। महिला हिम्मतवाली निकलीं और अकेले इन जिहादियों से लड़ भीड़ गई।
पीड़िता बौद्ध पंथ को मानती हैं आपने किसी भी ‘जय मीम जय बीम‘ समर्थक के मुँह से इस घटना पर कोई शब्द भी सुना हो तो जानकारी दें।
इसलिए आज ऐसे जिहादियों को कौन सबक सिखा रहा है वह जानना आवश्यक है ।

धर्म परिवर्तन और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का मास्टरमाइंड छांगुर बाबा कागजी ट्रस्ट से जुटा रहा था फंड, बिना दुबई गए ही वहां की सरकार से जारी हुआ ये प्रमाणपत्र

बलरामपुर। धर्म परिवर्तन और राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का मास्टर माइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा का गिरोह संगठित रूप से कार्य कर रहा था। पारिवारिक समस्या हो या फिर गरीबी से परेशान लोगों को तलाशने के साथ ही छांगुर बाबा के फंड को खपाने की रणनीति भी तैयार होती थी।

 

चंदा जुटाने और उसे विदेश भेजने के लिए बाकायदा ट्रस्ट और संस्थाएं तैयार की गईं थीं। छांगुर बाबा ने आस्वी इंटरप्राइजेज, आस्वी चैरिटेबल ट्रस्ट, आसिपिया हसनी हुसैनी कलेक्शन, बाबा ताजुद्दीन आस्वी बुटीक जैसी संस्थाओं को कागजों में तैयार किया।

दो बैंकों में इन संस्थाओं के आठ खाते खुलवाए। छांगुर बाबा ने अपने एक बैंक खाते से विदेशी खाते में छह लाख रुपये जमा किए। इसके साथ ही नेफ्ट के माध्यम से 10 लाख रुपये जमा किए। छांगुर बाबा के सहयोगियों के खातों से भी लेनेदन होता रहा है।

छांगुर बाबा ट्रस्ट के जरिए इस्लाम धर्म का प्रचार-प्रसार भी कर रहा था। छांगुर बाबा की धर्म परिवर्तन कराने की मुहिम को पुणे के एक प्रभावशाली व्यक्ति इदुल इस्लाम की मदद मिलती थी, जिससे छांगुर बाबा ने पूरे देश में पांव पसारने की तैयारी में था।

चार महीने में आए 14 करोड़... नीतू के खाते में कहां से आया इतना पैसा? छांगुर बाबा ने बना रखी थीं 4 संस्थाएं - neetu rohra bank account 14 crore foreign funding

यूपी एटीएस की जांच के मुताबिक छांगुर बाबा देश के कई राज्यों में जमीन खरीद कर अपना ठिकाना बना रहा था, जिसके लिए वह लगातार धन जुटा रहा था। यूपी एटीएस की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ, जिसमें नवीन रोहरा, नीतू नवीन रोहरा और नवीन की बेटी का धर्म परिवर्तन दुबई से कराया जाना दिखाया गया।

दुबई में 16 नवंबर 2015 को अल फारूक्यू कमर बिन खताब सेंटर में धर्म परिवर्तन कराया गया, जिसे दुबई सरकार के इस्लामिक अफेयर एवं चैरिटेबल एक्टिविटी डिपार्टमेंट से प्रमाणित किया गया। एटीएस को पासपोर्ट की जांच से पता चला कि नवीन, नीतू आदि 16 नवंबर 2015 को दुबई में थे ही नहीं।ऐसे में धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया भी सवालों से घिर गई है।

बता दें कि आजमगढ़ के देवगांव में छांगुर बाबा के रिश्तेदार और सहयोगियों पर धर्म परिवर्तन कराने की एफआईआर दर्ज है। साल 2023 में ये एफआईआर दर्ज हुई थी, इसमें छांगुर बाबा के भतीजे सबरोज, रशीद, साले का लड़का शहाबुद्दीन और रिश्तेदार गोंडा के रेतवागाड़ा के रमजान को नामजद करते हुए 18 लोगों पर एफआईआर दर्ज हुई थी।

इससे साफ है कि आजमगढ़ में छांगुर बाबा अपना ठिकाना बना रहा था। छांगुर बाबा का एक और करीबी चर्चा में है, उतरौला के मोहम्मद अहमद खान का नाम भी जुड़ा है। इसके खिलाफ गोमतीनगर थाने में साल- 2019 में दर्ज हुई एफ आई आर में गिरफ्तारी का आदेश जारी हुआ है।

4 जुलाई को लखनऊ के एसीजेएस प्रथम न्यायालय में सुनवाई थी। मोहम्मद अहमद पेश नहीं हुआ, जिस पर न्यायालय ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। स्थानीय पुलिस मोहम्मद अहमद की तलाश कर रही है।

जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा मूल रूप से रेहरामाफी गांव का रहने वाला है।वहीं से छांगुर बाबा अंगूठी-नग बेचने का काम शुरू किया था। सियासत में दांव आजमाने के लिए 2015 में पंचायत का चुनाव लड़ा और प्रधान बना।

यहीं से छांगुर बाबा का दबदबा बढ़ने लगा। गांव के कई लोग छांगुर बाबा जुड़ने लगे।तभी छांगुर बाबा धर्म परिवर्तन कराकर अपनी साख बनाने की सोची। साथ ही सियासत में बेटे महबूब को मजबूत करने की रणनीति बनाई।

साल 2022 के पंचायत चुनाव में बेटे महबूब को प्रधानी का चुनाव लड़ाया,मोटी रकम भी खर्च की, लेकिन महबूब प्रधानी का चुनाव हार गया। नवीन और नीतू का धर्म परिवर्तन कराने के बाद छांगुर बाबा के पास पैसे की कमी दूर हो गई। छांगुर बाबा बेटे को प्रधानी की ही सियासत में सफल बनाने की योजना पर काम कर रहा था। इसी दौरान छांगुर बाबा यूपी एटीएस के शिकंजे में आ गया।

AIMIM Mission Gujrat - Salim Chaki - जय भीम जय मीम जय भारत जय संविधान नारे ए तकबीर अल्लाहुअकबर 1947 भारत देस आजाद हुवे ओर 72 साल के बाद लोकसभा (संसद )

 

धर्म परिवर्तन के बाद नवीन रोहरा और नीतू ही छांगुर बाबा के बगलगीर थे। छांगुर बाबा कीपैड वाला साधारण मोबाइल ही रखता था। नीतू एंड्रायड मोबाइल रखती थी। यही नहीं छांगुर बाबा को नवीन ही लग्जरी वाहन से लेकर चलता था।नवीन वाहन चलाता था और नीतू हमेशा साथ ही रहती थी।

 

ब्राह्मण-क्षत्रिय लड़कियों को फँसाने पर मिलेंगे ₹15-16 लाख, दलित बच्चियों का रेट ₹10-12 लाख और अन्य जातियों के लिए 8-10 लाख रुपए मिलते थे।: UP-ATS ने धर्मांतरण गैंग के साजिशकर्ता जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा और नीतू रोहरा उर्फ नसरीन को बलरामपुर के उटरौला कस्बे से किया गिरफ्तार, विदेश से पा चुका था ₹100 करोड़ तक की फंडिग

■ छांगुर बाबा और उसका नेटवर्क :-

जमालुद्दीन खुद को हाजी पीर जलालुद्दीन बताता था। वह अपने एजेंटों के जरिए हिंदू लड़कियों को धर्मांतरण के लिए उकसाता था। जानकारी के अनुसार, इस काम के लिए लड़कियों की जाति के हिसाब से फीस तय थी।

■ विदेशी फंडिंग और संपत्तियाँ :-

छांगुर बाबा ने नीतू उर्फ नसरीन का धर्म परिवर्तन कहां करवाया था? जानिए पूरा सच

ADGP (लॉ एंड ऑर्डर) ने बताया कि छांगुर बाबा ने 40 से 50 बार इस्लामिक देशों की यात्रा की है। जाँच में पता चला है कि बलरामपुर में उसने कई संपत्तियाँ खरीदी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फंडिंग से जमालुद्दीन बाबा ने लग्जरी गाड़ियाँ, बंगले और शोरूम की खरीदारी की है। गिरोह के पास 40+ बैंक खाते हैं। इनमें ₹100 करोड़ से अधिक का लेन-देन हुआ है। यह पैसा कथित तौर पर धर्मांतरण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। खासकर खाड़ी देशों से फंडिंग आने की बात सामने आई है।

■ ब्रेनवॉश कर करवाया इस्लाम कबूल :-पहले ब्रेनवॉश, फिर निकाला पैसा... महाराष्ट्र के उल्हासनगर में बेटी ने कबूला इस्लाम; परिवार पहुंचा थाने | Maharashtra Ulhasnagar girl case of converting to Islam family ...

जमालुद्दीन बाबा का नेटवर्क गरीब और असहाय लोगों को निशाना बनाता था। उन्हें पैसों और विदेश में नौकरी का लालच दिया जाता था। अगर कोई बात नहीं मानता तो उसे मुकदमे में फँसाने की धमकी दी जाती थी। इस्लाम का प्रचार-प्रसार करने और ब्रेनवॉश करने के लिए जमालुद्दीन बाबा ने ‘शिजर-ए-तैय्यबा‘ नाम से किताब भी छपवाई थी। वह खुद को पीर बाबा या हजरत बाबा नाम से बुलवाना पसंद करता था।
● मुंबई के एक सिंधी परिवार का ब्रेनवाश कर इस्लाम कबूल करवाया गया था। परिवार में नवीन घनश्याम रोहरा, उनकी पत्नी नीतू और बेटी का नाम बदलकर जमालुद्दीन, नसरीन और सबीहा रख दिए गया था।
● लखनऊ की एक गुंजा गुप्ता हिंदू लड़की को एक मुस्लिम लड़के ने ‘अमित’ बनकर प्रेमजाल में फँसाया। फिर छांगुर बाबा की दरगाह ले जाकर उसका ब्रेनवॉश किया और उसे अलीना अंसारी बना दिया गया था।

■ नेटवर्क के दो लोग गिरफ्तार:-

फिलहाल दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ATS का कहना है कि यह नेटवर्क पूरे भारत में फैला हुआ है। पुलिस इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द से जोड़कर देख रही है। जाँच एजेंसियाँ इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं। ADGP ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।

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