Part – 14 pm ke pen tarot card reading :- card – Death कार्ड डेथ

टैरो कार्ड- डेथ

आज के वीडियो में हम टैरो कार्ड द डेथ के बारें में जाननेवाले हैं।

यह मेजर आर्काना का कार्ड हैं और इस पर तेरह अंक लिखा होता हैं।

इस कार्ड के कीवर्ड्स हैं-

मृत्यू, समाप्ति के बाद पुनर्जीवन, परिवर्तन, दूर जाना, नष्ट होना, मुक्ति।

इस कार्ड की विस्तृत जानकारी इस प्रकार हैं-

इस कार्ड के आने पर मृत्यु की संभावना होती हैं। जो काम कर रहे हैं, उसे खत्म करके या उसे बंद करके नया काम करना पड़ता हैं। जीवन में परिवर्तन आता हैं। जीवन में कुछ चीजें नष्ट हो सकती हैं। कोई अपना दूर जा सकता हैं। जो मोहमाया में बंधे हैं, उनको मुक्ति मिल सकती हैं।

यस/नो/मेबी

किसी प्रश्न को लेकर हाँ या ना में जवाब चाहिए हो तो यह कार्ड ना में जवाब देता हैं।

समय

काम होना नहीं हैं इसलिए समय का महत्व नहीं रह जाता। फिर भी, काम नहीं होगा यह पता कब चलेगा? ऐसा प्रश्न हो तो कुछ मतभेदों के साथ समय इस प्रकार हैं।

23 अक्टूबर से 22 नवंबर।

कोई चीजें अचानक खत्म होकर एक नई शुरुआत हो सकती हैं।

काम नहीं होगा।

काम होने की संभावना ना के बराबर हैं।

सवाल अगर किसी बीमार को लेकर हैं या किसी रिलेशनशिप को लेकर हैं तो उसका उत्तर निगेटिव में रहेगा।

निगेटिव रिजल्ट आयेगा यह भी जल्द ही पता चल जायेगा।

राशि/ग्रह

इस कार्ड की राशि वृश्चिक हैं। इसके ग्रह मंगल और राहु हैं। वृश्चिक राशि का स्वामीग्रह मंगल हैं। कुछ मतभेदों के साथ वृश्चिक राशि राहु की नीच राशि मानी जाती हैं। ध्यान रहे राहु-केतु का जिक्र जहाँ भी होगा वहाँ मतभेद अवश्य हो सकते हैं।

तत्व

इस कार्ड का तत्व जल और पृथ्वी माना जाता हैं। वैसे मंगल अग्नि तत्व का ग्रह हैं।

दिशा

इस कार्ड की दिशा दक्षिण पश्चिम, नैऋत्य हैं। मंगल की दक्षिण दिशा हैं और राहु की नैऋत्य हैं।

चक्र/चक्रमंत्र

इस कार्ड का चक्र रुट, मूलाधार हैं। चक्र का एकाक्षरी मंत्र ‘लं’ हैं।

रत्न

जिन्हें रत्न पहनना हो वें अंबर, काला तुर्मेलिन पहन सकते हैं।

उपाय

जिन्हें मंत्र-उपाय करने हो वें अपने धर्म और मान्यताओं के अनुसार पूजा-पाठ, प्रार्थना कर सकते हैं।

कुछ उपाय इस प्रकार हैं-

महामृत्युंजय मंत्र जाप कर सकते हैं।

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥”

महामृत्युंजय मंत्र जाप के नियम कुछ इस प्रकार हैं।

शास्त्रों में मंत्र जाप करते समय स्पष्ट रूप से उच्चारण का बहुत महत्व बताया गया है। इसलिए जाप करते समय उच्चारण की शुद्धता का ध्यान रखें। जाप करते समय माला से ही जाप करें क्योंकि संख्याहीन जाप का फल प्राप्त नहीं होता है। प्रतिदिन कम से कम एक माला जाप पूरा करके ही उठे। मंत्र का उच्चारण करते समय स्वर होठों से बाहर नहीं आना चाहिए। धीमे स्वर में आराम से मंत्र जाप करें। महामृत्युंजय मंत्र का जाप रुद्राक्ष की माला से ही करें। जाप से पहले भगवान के समक्ष धूप दीप जलाएं। जाप के दौरान दीपक जलता रहे। इस मंत्र का जाप करते समय शिवजी की प्रतिमा, तस्वीर, शिवलिंग या महामृत्युंजय यंत्र इस में से कोई एक को अपने पास अवश्य रखें। मंत्र जाप हमेशा कुशा के आसन पर किया जाता है। इसलिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी कुशा के आसन पर करें। अगर शिवलिंग के पास बैठकर जाप कर रहे हैं तो जल या दूध से अभिषेक करते रहें। जितने दिन जाप करना हो उतने दिनों तक तामसिक चीजों जैसे मांस, मदिरा लहसुन, प्याज या अन्य किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ आदि से दूर रहें।

इस भाग में इतना ही।

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हमारे कंटेंट को ढूंढने के लिए कुछ आसान कीवर्ड्स इस प्रकार हैं-

pm ke pen se brahma puran

pm ke pen se tarot card

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धन्यवाद।

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