मेरठः स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय, मेरठ के सम्राट अशोक सुभारती स्कूल ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज द्वारा बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर स्थित बोधि उपवन में एक भव्य एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन भगवान गौतम बुद्ध के जीवन, उपदेशों एवं उनके सार्वभौमिक संदेशों—शांति, करुणा, अहिंसा और मानवता—को जनमानस तक पहुंचाने का प्रेरणादायी माध्यम बना।
समारोह का शुभारंभ “विश्व शांति एवं सद्भाव” के संदेश के साथ निकाली गई विशाल शोभायात्रा से हुआ। विश्वविद्यालय परिसर में निकाली गई इस भव्य शोभायात्रा में भारत, म्यांमार, वियतनाम, नीदरलैंड सहित विभिन्न देशों से पधारे भिक्षु एवं भिक्षुणियों ने सहभागिता करते हुए विश्व शांति, वैश्विक सौहार्द और मानव कल्याण हेतु सामूहिक प्रार्थना की। शोभायात्रा ने परिसर को आध्यात्मिकता, अनुशासन एवं वैश्विक एकता के वातावरण से सराबोर कर दिया।
मुख्य धार्मिक अनुष्ठान विश्वविद्यालय में स्थित ऐतिहासिक बोधि वृक्ष के नीचे सम्पन्न हुआ, जहां भिक्षु संघ तथा विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) शल्या राज, कुलपति प्रो. (डॉ.) पी.के. शर्मा, मुख्य आयोजक एवं सलाहकार डॉ. हीरो हितो तथा विभागाध्यक्ष भंते डॉ. चंद्रकीर्ती द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके पश्चात भगवान बुद्ध के उपदेशों एवं त्रिपिटक के मंगलमय श्लोकों का वाचन किया गया।

कार्यक्रम के उद्घाटन में बोलते हुए विश्वविद्यालय की मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) शल्या राज ने कहा कि भगवान बुद्ध का शांति, सहिष्णुता और करुणा का संदेश आज के अशांत एवं तनावपूर्ण वैश्विक परिवेश में अत्यंत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय भारतीय संस्कृति, बौद्ध विरासत एवं आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। प्रो. (डॉ.) शल्या राज ने बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर समस्त शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान बुद्ध का जीवन हमें प्रेम, करुणा, मैत्री, सद्भाव और समरसता के भाव को आत्मसात करने एवं जीवन पथ पर इसे अपनाने को बतलाता है जो कि वर्तमान वैश्विक परिवेश को बदलने के लिए नितांत आवश्यक है।
इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य आयोजक डॉ. हीरो हितो ने सम्राट अशोक सुभारती स्कूल ऑफ बुद्धिस्ट स्टडीज के नव उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बधाई देते हुए बताया कि उनका दीक्षांत समारोह इसी वर्ष 26 अप्रैल को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे भगवान बुद्ध के आदर्शों, करुणा, अनुशासन और ज्ञान के मार्ग को अपने जीवन में अपनाएं तथा समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनें।
बोधि उपवन के प्रभारी राजकुमार सागर ने बुद्ध पूर्णिमा के धार्मिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व मानवता को सत्य, शांति और आत्मबोध की दिशा में अग्रसर करता है। उन्होंने कहा कि बुद्ध पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला संदेश है।

कार्यक्रम की सफलता में विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्यों एवं सहयोगी टीम का विशेष योगदान रहा। इसमें विभाग के शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने कार्यक्रम को सुचारू संचालन, अनुशासन, स्वागत व्यवस्था एवं समन्वय में सराहनीय योगदान दिया। इस अवसर पर डॉ. विवेक कुमार, डॉ. अनंत, प्रो. प्रवीण कुमार, डॉ. पल्लवी मुखर्जी, डॉ. राजेश राय, डॉ. शरणपाल सिंह तथा डॉ. श्रीधा झा सहित समस्त संकाय सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए आयोजन को सफल एवं प्रभावशाली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Author: sarvendra chauhan
Share this:
- Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
- Share on X (Opens in new window) X
- Print (Opens in new window) Print
- Email a link to a friend (Opens in new window) Email
- Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
- Share on Threads (Opens in new window) Threads
- Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp










