भाग 29 pm ke pen se kundali jyotish कुंडली में भाव पाँच के कारकत्व

कुंडली में भाव पाँच के कारकत्व

कुंडली के भाव पाँच से संबंधित विषय-

कुंडली में भाव पाँच के कारकत्वविद्या, बुद्धि, लेखनकला, मन्त्र-तन्त्र शास्त्र, पुत्र-पुत्री, विनय, नीति, व्यवस्था, देवभक्ति, पदच्युती, आकस्मिक धन-लाभ, यश, आगमन, स्नेह, पीड़ा, संतति, दत्तक संतति, मंगल कार्य, प्रसन्नता, शिल्प, कलात्मकता, आश्चर्यजनिक कार्य, मनोरंजन, मादक पदार्थ, उद्योग, व्यापारलाभ, स्टेटस, पद, प्रतिष्ठा, खेलों में निपुणता, प्रतियोगिता में सफलता, सट्टा, मातृधन, मातृलाभ, राज्यलाभ।

कारक ग्रह

पाँचवें भाव का कारक ग्रह गुरु है।

पाँचवें भाव से संबंधित अंग

हृदय, उदर, गर्भाशय, यकृत, मूत्रपिण्ड, वस्ति प्रदेश, पीठ।

पाँचवें भाव से संबंधित रोग

जठररोग, गर्भाशय के रोग, मूत्ररोग, पागलपन।

इस भाग में इतना ही।

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